About moral education

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बच्चों को दें नैतिक शिक्षा – About Moral Education

हर माता पिता सोचते है कि बडा होकर उनका शिशु कैसा निकलेगा। मगर ये उस समय किसी को पता नहीं रहता हे ।

लेकिन अगर बच्चे को अगर माता पिता या अभिभावक अच्छी सीख के साथ नैतिकता (About moral education) का पाठ पढ़ाते हे

तो जरूर ही इसके परिणाम अच्छे ओर शुभ होंगे।

ओर बच्चे इस नैतिक शिक्षा ओर स्कूल की शिक्षा के जरिए जिंदगी मे वह एक कामयाब इंसान जरूर बनेंगे।

ओर आप भी अपने आपको संतोषजनक मानेंगे।

तो दोस्तों शुरुआत करते हे कि आज की इस मॉडर्न जमाने मे हम हम अपने बच्चों को केसे नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाएं।

हम सब जानते हे की हमारी आने वाली पीड़ी ही हमारा ओर इस देश का भविष्य हे।

 

किन किन मुस्किल का करना होता हे सामना ?

हम सब जानते हे कि  बच्चे कम उम्र मे हीं बड़े बड़े कारनामे कर जाते हे।

ओर बाद मे पछतावे के अलावा कुछ नहीं मिलता ।

ओर हमें लगता हे की कहीं न कहीं हमारी परवरिश मेँ कमी रह गई हे।

दरअसल हर माता पिता अपनी अहसीयत के हिसाब से अच्छे से अच्छे स्कूल मे दाखिला दिला देते हे ओर सोचते हें की अब सारी जबाब दारी स्कूल की हे ।

ओर भूल जाते हे की नैतिक शिक्षा भी जरूरी हे । तो जानते हे की नैतिक शिक्षा क्यों जरूरी हे।

 

तो केसे हम अपने आने वाली पीड़ी को सही दिशा दें ओर क्यों हे जरूरी। About moral education

बुढ़ापे का सहारा

हर माता पिता की की यही खुवाइश रहती हे की उनकी संतान बुढ़ापे मे जरूरत पड़ने पर उनका साथ देगी ओर उनकी देखरेख करेगी।

मगर हो तो कुछ ओर ही रहा हे। आजकल संतान अपने बूढ़े माता पिता को बूडे आश्रम ( Old age home ) मे छोड़ देती या फिर उनको दूर रहने पर मजबूर कर देती हे।

  • जिस माँ -बाप ने उसे बड़ा किया उसे पढ़ाया लिखाया ओर इस काबिल बनाया।
  • वो संतान बुढ़ापे के समय इतना बदल जाती हे । कभी सोच भी नहीं सकते हे।
  • कई बार तो आपने सुना ओर अखवारों मे भी पढ़ने भी आया होगा की- शादी होने के बाद या पहले जवान बेटों ने अपने ही माँ ओर बाप के साथ हाथा पाई की।
  • वही माँ ओर बाप जिन्होंने बच्चों को पढ़ाने ओर काबिल बनाने के लिए सब कुछ लगा दिया। ओर बच्चे इतनी तरक्की कर आगे बढ़ जाते हे कि  वे माँ ओर बाप के बारें मेँ सोचना बंद कर देते हें।  

केसे पाए समस्या से निदान – नैतिक जिम्मेदारी की सींख देकर ।(About moral education) 

  • चोटी से चोटी बात अपने बच्चे को बताएं चाहें वह ट्रैफिक नियम, सरकारी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाना
  • भले ही बच्चा उस समय आपकी बात माने या न माने। मगर हमें हमेशा उसे गलत बात पर टोकना चाहिए। जिससे उसे कम  से कम गलत बात का पता चलेगा
  • सामाजिक कार्यों मे रुचि – आज हमारे समाज बहुत बुराइयाँ हे
  • मगर हमें अपनी पीड़ी को अच्छाइयों से अवगत कराना जरूरी हे।
  • जेसे नये पेड़ लगाना, पर्यावरण को बचाना आदि ।  ओर बुराइयों ओर बुरी संगत से दूर रखने की आवश्यकता हे।
  • सोशल मीडिया ओर गैजेट्स का उपयोग
  • मोबाईल, टीवी, लैपटॉप आदि का नियंत्रित उपयोग करना सिखाएं
  • आजकल माँ बाप अपना काम शांति से करने के लिए बच्चे को फोन दे देते हे।
  • उसके बाद बच्चा ओर माँ दोनों खुस रहते हे। ओर धीरे – धीरे बच्चे को आदत पड़ जाती हे ।
  • जेसे यूट्यूब (youtube, facebook) आदि ओपन होने के बाद बच्चे सब कुछ भूल जाते हे। 
  • ओर आजकल सोशल मीडिया पर इसे कॉन्टेनट्स या गए हे। जो की अश्लीलता ओर नकारात्मकता बढ़ती हे। इसलिए जितना हो सके इनको कम उपयोग करना चाहिए। परेंटिंग टिप्स के लिए क्लिक करें 

दें छोटी जिम्मेदारी (Important About moral education)

  • अपने बच्चों बचपन से ही छोटी -2 जिम्मेदारी दें
  • जेसे स्कूल से आने के बाद अपनी यूनिफॉर्म सही जगह रखना
  • स्कूल के लिए अपना बेग तैयार करना।
  • खेलने के बाद खिलौने सही जगह रखना आदि

ईमानदारी का पाठ पढ़ाएं (About moral education hindi )

इसके लिए आप निम्न का सहारा ले सकते हे

दूसरों की मदद करना सीखाएं

  • जब कभी मोका मिले तो बच्चों को दूसरों की मदद करना सीखाएं (कर भला तो हो भला )
  • शेयरिंग करना सिखाएं (चाहे वो लंच बॉक्स हो या स्टैशनेरी बॉक्स ओर बुक्स)
  • दूसरों की केयरिंग करना भी सिखाएं (चाहे वह जानवर ही क्यों ना हो ।

प्यार ओर शांति से करें हर समस्या का हल

  •  बच्चों को बात – बात पर डाटने से ओर उन पर गुस्सा होने से बच्चे चिडचिड़े ओर गुस्से वाले हो जाते हे।
  • इसलिए उनसे जहां तक हो प्यार ओर शांति के साथ व्यवहार करें। 
  • धन्यवाद इस पोस्ट को अंत तक पढ़ने के लिए ओर आशा करती  हूँ।कि आपको  (Parenting Tips ) ये ब्लॉग आपको पसंद आया होगा। 
  • यदि पसंद आया हो तो दूसरों को भी share करें । आप अपने सुझाव ओर सवाल आप कमेन्ट बॉक्स मे टाइप कर सकते हे। 

 

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